मुंबई में वायु प्रदूषण बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। अंधेरी में वायु गुणवत्ता सूचकांक 206 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषण के इस स्तर पर सांस की तकलीफ, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों का धुआं, निर्माण कार्य की धूल और मौसम की स्थिति मिलकर प्रदूषण बढ़ा रहे हैं। दिल्ली की तरह मुंबई में भी प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए धूल नियंत्रण, कचरा जलाने पर रोक और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदमों की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि प्रदूषण अधिक होने पर सुबह की सैर और बाहरी व्यायाम से बचें, मास्क का इस्तेमाल करें और घर में हवा को शुद्ध रखने के उपाय करें। सांस की तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। प्रशासन से प्रदूषण के स्रोतों पर सख्त कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।



