प्रधानमंत्री ने मन की बात में पंजाब में जैविक खेती की एक पहल का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि खेती विरासत मिशन नाम के संगठन ने पंजाब के मालवा क्षेत्र में प्राकृतिक कपास की खेती को नया जीवन देना शुरू किया है। इस पहल को नव-त्रिंजन नाम दिया गया है, जिसके तहत बिना रसायनों के जैविक कपास उगाई जा रही है।
इस पहल की खास बात यह है कि प्राकृतिक रंगों वाली कपास भी उगाई जा रही है, जिससे धागे और कपड़े रंगने के लिए अलग से रसायनों की जरूरत नहीं पड़ती। इससे पर्यावरण को लाभ होता है और किसानों को भी रसायनों पर होने वाला खर्च बचता है। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी प्राकृतिक और सुरक्षित वस्त्र मिलते हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जैविक खेती की ओर बढ़ता रुझान मिट्टी की सेहत, पानी की गुणवत्ता और किसानों की आय तीनों के लिए फायदेमंद है। पंजाब जैसे राज्य में इस तरह की पहलें परंपरागत खेती और आधुनिक बाजार की जरूरतों के बीच सेतु का काम कर सकती हैं।



