लखनऊ। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की उत्तर प्रदेश इकाई ने अफीम किसानों की शिकायतों के समाधान के लिए जनसुनवाई का आयोजन किया। इसमें किसानों ने लाइसेंस, फसल मापन, उपज और भुगतान से जुड़ी अपनी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखीं। अधिकारियों ने किसानों की बात ध्यान से सुनी और कई शिकायतों के मौके पर ही निस्तारण के निर्देश दिए। भारत में अफीम की खेती दवाओं के निर्माण के लिए सरकार से लाइसेंस लेकर सीमित क्षेत्रों में की जाती है और उत्तर प्रदेश के कुछ जिले इसके प्रमुख क्षेत्र हैं। किसानों को अक्सर नियमों की जटिलता और प्रक्रियाओं को लेकर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, इसलिए ऐसी जनसुनवाई को पारदर्शिता की दिशा में अहम माना जा रहा है। ब्यूरो के अधिकारियों ने कहा कि किसानों की वास्तविक समस्याओं का समय पर समाधान करना विभाग की प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम जारी रहेंगे। किसानों ने जनसुनवाई के आयोजन का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि उनकी लंबित शिकायतों का जल्द समाधान होगा। इससे किसानों और विभाग के बीच भरोसा भी मजबूत होगा।