नई दिल्ली। भारत में अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों यानी रामसर स्थलों की संख्या बढ़कर एक सौ तीन हो गई है। पर्यावरण मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार चंडीगढ़ के सुखना वन्यजीव अभयारण्य और उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की सौज झील को इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है। सौज झील प्रवासी पक्षियों के लिए जाना जाने वाला महत्वपूर्ण ठिकाना है, जहां सर्दियों में बड़ी संख्या में विदेशी पक्षी आते हैं। रामसर सूची में शामिल होने से इन आर्द्रभूमियों के संरक्षण को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलती है और उनके रखरखाव के लिए बेहतर प्रबंधन की उम्मीद बढ़ती है। आर्द्रभूमियां बाढ़ नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण और जैव विविधता के लिए बेहद जरूरी होती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थानीय समुदाय की भागीदारी से ही झीलों और तालाबों को अतिक्रमण और प्रदूषण से बचाया जा सकता है। मैनपुरी के लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने सौज झील को मिली इस पहचान पर खुशी जताई है और उम्मीद की है कि इससे क्षेत्र में प्रकृति पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।