नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने सत्रह राज्यों में मतदाता सूची का विशेष संक्षिप्त संशोधन कराने का फैसला किया है। इस अभियान में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश समेत कई बड़े राज्य शामिल बताए गए हैं, जहां कुल मतदाताओं की संख्या करीब चवालीस करोड़ है। संशोधन के दौरान नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे और पते व अन्य विवरणों की गलतियां सुधारी जाएंगी। आयोग के अनुसार मतदाताओं को क्यूआर कोड युक्त फोटो पहचान पत्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम होगा, जिससे पहचान की प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी। पात्र नागरिक निर्धारित अवधि में दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेंगे तथा बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर सत्यापन में मदद करेंगे। अठारह वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवाओं से विशेष रूप से नाम जुड़वाने की अपील की गई है। अधिकारियों का कहना है कि शुद्ध मतदाता सूची से चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बढ़ती है और कोई भी पात्र मतदाता मतदान के अधिकार से वंचित नहीं रहता। राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी जल्द अपने-अपने यहां कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी जारी करेंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से अपना नाम जांचें।