नई दिल्ली। राजधानी में गुरुवार को आयोजित सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब कार्यक्रम के बीच कुछ लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ देर तक माहौल तनावपूर्ण रहा और मंच से बार-बार शांति बनाए रखने की अपील करनी पड़ी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक संगठन के प्रमुख अभिजीत दीपके और नेहा बोरा पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे, तभी विरोध जताते हुए कुछ लोग खड़े हो गए।आयोजकों का कहना था कि प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखना था। संगठन पहले ही घोषणा कर चुका है कि 16 अक्टूबर को दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकाला जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी तीखी टिप्पणियां की गईं।उधर, नेहा बोरा के बांग्लादेश से जुड़े एक बयान को लेकर राजनीतिक विवाद पहले से चल रहा है। भाजपा नेताओं ने बयान पर आपत्ति जताई है, जबकि संगठन अपने रुख पर कायम है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में हुए हंगामे के बाद अब सबकी नजर 16 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च और उस पर प्रशासन के रुख पर टिकी है।