लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गन्ने से प्लास्टिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। देश का पहला बायोपॉलिमर प्लांट प्रदेश में स्थापित किया जाएगा, जहां गन्ने से प्लास्टिक जैसा उपयोगी पदार्थ तैयार होगा। यह पहल प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के साथ-साथ गन्ना किसानों को उनकी उपज का नया और बड़ा बाजार उपलब्ध कराएगी। बायोपॉलिमर से बनने वाला प्लास्टिक पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है, क्योंकि यह समय के साथ मिट्टी में घुल सकता है। अधिकारियों के अनुसार प्लांट लगने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और प्रदेश की औद्योगिक छवि को नई मजबूती मिलेगी। गन्ना उत्पादक किसानों के लिए यह योजना इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि इससे उनकी आय बढ़ने की संभावना बनेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि खेती और उद्योग को जोड़ने वाली ऐसी परियोजनाएं ही भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव हैं। प्लांट की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ निवेश, जमीन और उत्पादन लक्ष्य को लेकर और जानकारी सामने आएगी। पर्यावरण प्रेमियों ने भी इस कदम का स्वागत किया है।