ग्रामीण परिवेश और सीमित संसाधनों के बीच कड़ी मेहनत से हासिल की सफलता, असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने का सपना
अब्दुल मोमिन | क्राइम रिपोर्टर
मसौली, बाराबंकी।
“पसीने की स्याही से जो लिखते हैं अपने इरादों को, उनके मुकद्दर के पन्ने कभी कोरे नहीं होते।” इन पंक्तियों को सच साबित कर दिखाया विकासखंड मसौली के मुंजापुर गांव की किसान की बेटी नेहा वर्मा ने। नेहा ने हिंदी विषय में यूजीसी नेट-जेआरएफ परीक्षा उत्तीर्ण कर अपने परिवार के साथ-साथ जिले और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता पर गांव और आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है।
मुंजापुर गांव निवासी किसान लवलेश कुमार वर्मा की बेटी नेहा वर्मा ने ग्रामीण परिवेश में रहकर सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया। उनकी माता अनीता वर्मा गृहणी हैं। साधारण ग्रामीण परिवार से आने वाली नेहा ने कभी संसाधनों की कमी को अपनी राह की बाधा नहीं बनने दिया और लगातार पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखा।
नेहा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सार्वजनिक शिक्षण संस्थान, मसौली से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय (कैंपस) से उच्च शिक्षा पूरी की। हिंदी साहित्य में विशेष रुचि होने के कारण उन्होंने इस विषय को गंभीरता से पढ़ा और आगे चलकर यूजीसी नेट-जेआरएफ की तैयारी में जुट गईं।
कड़ी मेहनत, निरंतर अध्ययन और आत्मविश्वास के दम पर नेहा ने हिंदी विषय में जेआरएफ क्वालीफाई किया। जेआरएफ उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में देश की प्रतिष्ठित उपलब्धियों में शामिल है। इस सफलता के बाद नेहा का लक्ष्य असिस्टेंट प्रोफेसर बनकर शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देना और देश की सेवा करना है।
माता-पिता और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
अपनी सफलता पर नेहा वर्मा ने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे उनके माता-पिता का आशीर्वाद, गुरुजनों का मार्गदर्शन और उनकी निरंतर मेहनत है। उन्होंने बताया कि परिवार और शिक्षकों से मिले प्रोत्साहन ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
ग्रामीण बेटियों के लिए बनीं प्रेरणा
सीमित संसाधनों और तमाम चुनौतियों के बावजूद अपनी मेहनत के बल पर सफलता हासिल करने वाली नेहा वर्मा आज ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं। उनकी उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो गांव की गलियों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई जा सकती है।
नेहा की सफलता पर मुंजापुर गांव सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। ग्रामीणों का कहना है कि नेहा ने अपनी उपलब्धि से न केवल माता-पिता और गुरुजनों का सिर गर्व से ऊंचा किया है, बल्कि क्षेत्र की बेटियों के सामने भी एक मिसाल पेश की है। उनकी सफलता ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए निश्चित रूप से