लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिवहन विभाग में अग्निवीरों को बीस प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला लिया गया है। इस निर्णय से सेना में सेवा पूरी कर चुके अग्निवीर युवाओं को राज्य की सेवा में आने का नया अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि अग्निवीर अनुशासन, प्रशिक्षण और कार्य के प्रति समर्पण के मामले में पहले से तैयार होते हैं, इसलिए वे विभागीय सेवाओं में तेजी से योगदान दे सकते हैं। आरक्षण का लाभ भर्ती प्रक्रिया में लागू होगा और इसके नियमों को लेकर विभागीय स्तर पर तैयारी की जा रही है। युवाओं के बीच इस फैसले को लेकर उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि अग्निवीर योजना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही था कि सेवा समाप्त होने के बाद उनके भविष्य की राह क्या होगी। राज्य सरकार पहले भी कुछ विभागों में अग्निवीरों को प्राथमिकता देने की दिशा में कदम उठा चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फैसलों से युवाओं का सेना की ओर रुझान बढ़ेगा और उन्हें सम्मानजनक रोजगार भी मिलेगा। आने वाले दिनों में भर्ती विज्ञापनों में इस आरक्षण का स्पष्ट उल्लेख देखने को मिलेगा।