– भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 10 विद्यालयों के प्रबंधक सम्मानित, स्मारिका का हुआ विमोचन
शकील अहमद
लखनऊ। डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रेक्षागृह में अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा सम्मेलन में प्रदेशभर से पधारे शिक्षकगणों के साथ सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सहभागिता की। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया।
इसके बाद मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति में सम्मेलन आयोजित हुआ। गायत्री मंत्रों के पवित्र उच्चारण से प्रेक्षागृह आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से सराबोर हो उठा।
भारतीय संस्कृति, शिक्षा और संस्कारों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण को समर्पित इस आयोजन में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक छात्र सहभागिता वाले 10 विद्यालयों के प्रबंधकों को सम्मानित किया गया। साथ ही परीक्षा से संबंधित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिल विश्व गायत्री परिवार की दीर्घकालीन सामाजिक भूमिका, परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के योगदान तथा भारतीय परिवार व्यवस्था में निहित मूल्यों और संस्कारों की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने विचार आधारित संगठनों की स्थायी शक्ति और समाज में संस्कारों के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
सरोजनीनगर में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की मुख्यमंत्री द्वारा की गई सराहना को डॉ. राजेश्वर सिंह ने प्रेरणादायी बताते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि अखिल विश्व गायत्री परिवार ने पिछले 100 वर्षों में यज्ञ की वेदी के माध्यम से समाज की चेतना को जागृत करने, भारतीय संस्कृति और जीवन-मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने तथा संस्कारवान समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की दिशा में उसका निरंतर योगदान प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि सरोजनीनगर के विकास की आधारशिला शिक्षा और युवा सशक्तिकरण को बनाते हुए रण बहादुर सिंह (RBS) डिजिटल शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण केन्द्रों की पहल अब 18 केन्द्रों तक पहुंच चुकी है।
क्षेत्र में 80 से अधिक स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल लाइब्रेरी तथा 350 से अधिक कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, 2,000 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप, टैबलेट एवं साइकिल जैसे शैक्षणिक संसाधनों से प्रोत्साहित किया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले ‘आपका विधायक, आपके द्वार’ कार्यक्रम में भी मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया जाता है।
शिक्षा को अवसर और सशक्तिकरण का माध्यम बनाते हुए संकल्प है कि सरोजनीनगर की प्रत्येक प्रतिभा को बेहतर संसाधन, मार्गदर्शन और आगे बढ़ने का मंच मिले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा इन प्रयासों की सराहना को उन्होंने इस दिशा में और गति देने वाली प्रेरणा बताया।
इस अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय, गायत्रीकुंज-शांतिकुंज, हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या ने शिक्षकों को युग निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र, संवेदना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी से युक्त व्यक्तित्व का निर्माण करना है। उन्होंने “सद्ज्ञान, सद्भाव और सद्कर्म” को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि “अध्यापक हैं युग के निर्माता, छात्र हैं राष्ट्र के भाग्य विधाता।”
डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गुरुजनों के माध्यम से ज्ञान के साथ संस्कारों, मानवीय मूल्यों और राष्ट्रभाव का संचार पीढ़ी-दर-पीढ़ी होता है। डॉ. राजेश्वर सिंह ने शिक्षा और संस्कार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का व्यापक दृष्टिकोण सामने रखने तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और सामाजिक चेतना के प्रसार के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
प्रदेश के गुरुजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान का संचार करने वाले नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर संस्कार, चरित्र, अनुशासन, संवेदना और राष्ट्रभाव का निर्माण करने वाले मार्गदर्शक हैं। इसलिए शिक्षक सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि उस ज्ञान परंपरा का सम्मान है, जो पीढ़ियों को जोड़कर राष्ट्र के भविष्य को मजबूत करती है।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सर्वाधिक छात्र सहभागिता के लिए सम्मानित विद्यालयों में रमेश बालिका इंटर कॉलेज, सीतापुर; चंद्रेश्वर एम. पब्लिक स्कूल, रायबरेली; लखनऊ पब्लिक स्कूल; डॉ. हैमन मोदी विज्ञान एवं वाणिज्य इंटर कॉलेज, आजमगढ़; शिव प्रतिष्ठा इंटर कॉलेज, अमेठी; अमर सिंह इंटर कॉलेज, बुलंदशहर; चित्रकूट इंटर कॉलेज; अयोध्या रामानन्द लाल कॉलेज, सीतापुर; एम. आर. बालिका इंटर कॉलेज, मुजफ्फरनगर तथा सिटी मॉन्टेसरी स्कूल, लखनऊ के प्रबंधक शामिल रहे।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, केंद्रीय जोन प्रभारी (उत्तर जोन) परमानन्द द्विवेदी एवं समन्वयक, भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा रामयश तिवारी सहित अनेक गणमान्यजन एवं प्रदेशभर से पधारे शिक्षकगण उपस्थित रहे।
अखिल विश्व गायत्री परिवार को शिक्षा, संस्कार, भारतीय संस्कृति और राष्ट्र निर्माण को समर्पित इस सम्मेलन के लिए बधाई एवं आभार व्यक्त किया गया। डॉ. चिन्मय पांड्या सहित आयोजन से जुड़े सभी साधकों, कार्यकर्ताओं और गुरुजनों के प्रति भी कृतज्ञता व्यक्त की गई।
प्रदेशभर से पहुंचे शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा गया कि उनके ज्ञान में भविष्य की दिशा, संस्कारों में राष्ट्र की शक्ति और समर्पण में आने वाले भारत के निर्माण की नींव है।




