– होमबायर्स के अधिकार, अधूरे विकास कार्य और निर्बाध बिजली आपूर्ति का मुद्दा उठाया, मुख्यमंत्री ने शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का दिया आश्वासन
शकील अहमद
लखनऊ। सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भेंट कर सरोजनीनगर परिवार से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण जनहित के विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, पारदर्शी प्रशासन और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की कार्यसंस्कृति मजबूत हुई है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जनसमस्याओं को गंभीरता से सुनना, जनभावनाओं के प्रति संवेदनशीलता दिखाना और समाधान के लिए तत्परता से दिशा देना मुख्यमंत्री के सुशासन की विशेष पहचान है। उन्होंने कहा कि जनहित के प्रति मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता अद्वितीय है।
इस दौरान सुल्तानपुर रोड स्थित अंसल एपीआई की 31 गांवों में विस्तृत हाईटेक टाउनशिप से जुड़े हजारों होमबायर्स, आवंटियों, भू-स्वामियों एवं निवेशकों के हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे गए। इनमें सुशांत गोल्फ सिटी के 10 हजार से अधिक परिवार भी शामिल हैं।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि ये उनके अपने लोग हैं और इनके घर, जीवनभर की पूंजी एवं अधिकारों की रक्षा के लिए वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने अंसल एपीआई की परियोजना से प्रभावित हजारों होमबायर्स के हितों एवं अधिकारों की रक्षा के लिए एलडीए द्वारा एनसीएलटी में विचाराधीन CP(IB) No. 558/ND/2024 में तत्काल इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन दाखिल कर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने तथा परियोजना को अपने नियंत्रण में लेकर अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि होमबायर्स ने अपने जीवनभर की पूंजी लगाकर अपने घर खरीदे हैं। ऐसे में उनके आवासीय एवं वैधानिक अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने परियोजना को सीआईआरपी की प्रक्रिया से बाहर रखने की दिशा में आवश्यक कदम उठाने तथा डेवलपमेंट एग्रीमेंट, एमओयू एवं उत्तर प्रदेश हाईटेक टाउनशिप नीति के अनुरूप टाउनशिप का समबद्ध विकास एवं हैंडओवर सुनिश्चित करने का भी अनुरोध किया।
उन्होंने अधूरे विकास कार्यों को पूरा कराने के लिए बंधक लगभग 25 प्रतिशत भूमि के सदुपयोग तथा उपलब्ध परफॉर्मेंस गारंटी एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों का प्रभावी उपयोग किए जाने की आवश्यकता भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने सड़क, सीवर, जलापूर्ति, विद्युत, ड्रेनेज, पार्क एवं अन्य सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने की बात कही।
साथ ही होमबायर्स के हितों और टाउनशिप के विकास की प्रभावी निगरानी के लिए एलडीए, आवास विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त निगरानी समिति गठित किए जाने का भी अनुरोध किया, ताकि लंबित विकास कार्यों की नियमित समीक्षा और समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित हो सके।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी दिया हवाला
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि होमबायर्स के हितों की रक्षा के लिए उन्होंने स्वयं एनसीएलएटी में प्रभावी पैरवी की है, जिसमें 7 जनवरी 2026 के आदेश को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने भी 16 अप्रैल 2026 को बरकरार रखा।
उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल एक परियोजना की नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के घर, उनकी जीवनभर की पूंजी और उनके अधिकारों की रक्षा से जुड़ी है।
उन्होंने एनसीएलटी, एनसीएलएटी एवं माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के आलोक में राज्य सरकार एवं एलडीए को आवश्यक पक्षकार बनाकर होमबायर्स के हितों की प्रभावी कानूनी रक्षा सुनिश्चित करने तथा एलडीए की ओर से आवश्यक विधिक कार्रवाई तत्काल किए जाने का भी अनुरोध किया।
10 हजार से अधिक परिवारों के लिए बिजली का मुद्दा उठाया
दूसरे महत्वपूर्ण विषय के अंतर्गत डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुशांत गोल्फ सिटी के 10 हजार से अधिक परिवारों के लिए निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग रखी। उन्होंने विद्युत भार 10 एमवीए से बढ़ाकर 23 एमवीए करने तथा ₹8.28 करोड़ के विलंब अधिभार को माफ करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों के दैनिक जीवन और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा यह विषय तत्काल समाधान की अपेक्षा रखता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी विषयों का गंभीरतापूर्वक संज्ञान लेते हुए शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता, तत्परता एवं न्यायपूर्ण नेतृत्व के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा हजारों परिवारों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को गंभीरता से सुनकर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन देना प्रभावित परिवारों के लिए विश्वास और राहत का संदेश है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि सरोजनीनगर परिवार के प्रत्येक नागरिक के अधिकार, सम्मान, सुविधा और सुरक्षित भविष्य की रक्षा के लिए प्रयास निरंतर जारी रहेगा।