कोलकाता। 17 अक्टूबर को चोरबागन सार्वजनिन दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के मुख्य आरोपी संजीव राहा उर्फ सेंटू ने पुलिस से बचने के लिए अपने मोबाइल फोन के कई सिम कार्ड बदल दिए थे। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है।
भ्रामक घोषणा के कारण पंडाल में भगदड़ मच गई थी। घटना के बाद समिति के कोषाध्यक्ष राहा ने अपना मूल सिम बंद कर दिया, कोलकाता छोड़ दिया और भूमिगत हो गया। शुरुआत में उसे नदिया जिले से हिरासत में लिया गया और लालबाजार पुलिस मुख्यालय में गहन पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। जांचकर्ताओं ने उन आठ अलग-अलग नंबरों का पता लगाया, जिनका इस्तेमाल वह परिवार और दोस्तों से संपर्क के लिए करता था। इसी से उसकी गिरफ्तारी संभव हुई।
पुलिस जांच में पता चला है कि भ्रामक घोषणा समिति के सदस्यों और विशेष मेहमानों के लिए आरक्षित एक अलग कमरे से की गई थी। घोषणा के समय राहा के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, जो उसका पड़ोसी है और फिलहाल लापता है। अधिकारी उसकी तलाश कर रहे हैं। बारिश के कारण पहले से अराजक स्थिति में पंडाल गिरने की झूठी चेतावनी से दहशत फैल गई और भीड़ फाटकों की ओर भागी। मामले में दो समानांतर जांच चल रही हैं — एक कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम और दूसरी सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अनिंदिता रॉय सरस्वती की अध्यक्षता वाला न्यायिक पैनल, जिसके तीन महीने में रिपोर्ट देने की उम्मीद है।



