यूरोप के कई देश इन दिनों बढ़ती महंगाई, आवास की किल्लत और जीवनयापन के बढ़ते खर्चों के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों की चपेट में हैं। फ्रांस के अलावा इटली, स्पेन, पुर्तगाल और अल्बानिया में भी लोग सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। कई जगह हालात हिंसक हो गए और सुरक्षा बलों के साथ टकराव की स्थिति बन गई।
फ्रांस में शनिवार को हुए प्रदर्शन सबसे उग्र रहे, जहां देशभर में करीब चार लाख दस हजार लोग सड़कों पर उतरे और 289 जगहों पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। दिन में ज्यादातर मार्च शांतिपूर्ण रहे, लेकिन रात होते-होते पेरिस समेत कई शहरों में माहौल बिगड़ गया। करीब एक हजार लोगों को गिरफ्तार किया गया और दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है।
स्पेन के बार्सिलोना में भी सरकार विरोधी प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया, जहां प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय इलाके में दुकानों में लूटपाट की और सार्वजनिक संपत्ति को आग के हवाले कर दिया। मैड्रिड में हजारों सेवानिवृत्त लोगों ने सम्मानजनक पेंशन की मांग करते हुए मार्च निकाला। विशेषज्ञों का कहना है कि महंगाई और आवास संकट के समाधान के बिना यूरोप में यह असंतोष जल्द थमता नहीं दिख रहा।



