बिहार में स्कूल निर्माण में देरी को लेकर सख्ती बरती गई है। निर्माण कार्य समय पर पूरा न करने पर पांच ठेकेदारों पर 73 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि स्कूलों के निर्माण में देरी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है, इसलिए ठेकेदारों की जवाबदेही तय करना जरूरी है।
स्कूल भवनों का समय पर निर्माण शिक्षा की बुनियादी जरूरत है। कक्षाओं, शौचालयों और पेयजल जैसी सुविधाओं के बिना बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत होती है। इसलिए निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और समय पर पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा है कि भविष्य में भी निर्माण में लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। इससे सरकारी निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सकेगा।



