सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को चुनाव आयोग को कड़ी फटकार लगाई। 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती का वीडियो फुटेज उपलब्ध न होने पर आयोग ने कहा कि रिकॉर्ड मिल नहीं रहा है। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि बेतुके बहाने नहीं चलेंगे और पूछा कि आखिर रिकॉर्ड गया कहां। अदालत ने आयोग को रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश दिए। चुनावी पारदर्शिता से जुड़े इस मामले में कोर्ट की सख्त टिप्पणी को बेहद अहम माना जा रहा है। अदालत ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना आयोग की जिम्मेदारी है। मामले की अगली सुनवाई में आयोग को विस्तृत जवाब दाखिल करना होगा। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर सवाल उठाए हैं और चुनावों में पारदर्शिता की मांग दोहराई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर आगामी चुनावों में रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था पर पड़ेगा।