बिना सत्यापन 70.40 लाख का भुगतान करने पर सचिव ओम प्रकाश सिंह निलंबित
डीपीआरओ श्रेया मिश्रा का बड़ा हंटर, पनियरा की 8 ग्राम पंचायतों में गंभीर वित्तीय अनियमितता पर गिरी गाज
महराजगंज। जिले के विकास खंड पनियरा क्षेत्र के अंतर्गत बिना भौतिक सत्यापन के 70 लाख 40 हजार रुपये से अधिक की धनराशि का मनमाना भुगतान करने के मामले में जिला पंचायत राज अधिकारी श्रेया मिश्रा ने बड़ी कार्रवाई की है डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने ग्राम पंचायत अधिकारी ओम प्रकाश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। शासन के आदेशों की खुली अवहेलना और प्रथम दृष्टया गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में की गई इस बड़ी कार्रवाई से विकास खंड क्षेत्र के अधिकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।डीपीआरओ कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार पनियरा क्षेत्र की आठ ग्राम पंचायतों सोहास, ऋषपुर, धनघटी, खजुरिया, तेंदुहिया, सुभितपुर, मोहद्दीनपुर और कनैला में 15 वें व पंचम वित्त आयोग की धनराशि से विभिन्न विकास कार्य कराए गए थे। इन कार्यों के भुगतान में बड़े पैमाने पर नियमों को ताक पर रखकर अनियमितता बढ़ती गई। इन सभी ग्राम पंचायतों में एडीओ पंचायत के आवश्यक भौतिक सत्यापन के बिना ही कुल 70 लाख 40 हजार 868 रुपये का भारी भरकम भुगतान निर्धारित प्रक्रिया के विपरीत कर दिया गया जो पूरी तरह से वित्तीय नियमों का उल्लंघन है।
वित्तीय गड़बड़ी के साथ ही ग्राम पंचायत अधिकारी पर शासन के प्राथमिकता वाले कार्यों की अनदेखी करने का भी गंभीर आरोप लगा है। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश थे कि ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत सचिवालय, सामुदायिक शौचालय के अवशेष कार्यों और ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। इसके बावजूद इन महत्वपूर्ण कार्यों को दरकिनार कर अन्य गैर प्राथमिकता वाले कार्य कराए गए जिसे उच्चाधिकारियों के निर्देशों की घोर अवहेलना माना गया है।इस पूरे गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने ग्राम पंचायत अधिकारी ओम प्रकाश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित कर दी है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है और नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए एडीओ पंचायत परतावल को जांच अधिकारी नामित किया गया है उन्हें संबंधित आठों ग्राम पंचायतों में कराए गए सभी कार्यों का स्थलीय सत्यापन कर जल्द से जल्द विस्तृत जांच आख्या उपलब्ध कराने का कड़ा निर्देश दिया गया है।
इस संबंध में डीपीआरओ श्रेया मिश्रा ने साफ किया है कि जांच आख्या के आधार पर मामले में आगे की कठोर विधिक एवं रिकवरी की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
