सोमल जैन को अध्यक्ष, लालजी दुग्गा एवं अमन सिंह को उपाध्यक्ष, नरेन्द्र जैन एवं दीपक जैन को सचिव तथा अमित कनोजिया एवं गैदलाल लावते को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई
नौ दिनों तक होंगे धार्मिक आयोजन, भव्य पंडाल, विद्युत सजावट, मूर्ति पूजा और भंडारे की तैयारियां शुरू
दुर्गूकोंदल । शारदीय नवरात्रि एवं दुर्गा पूजा को लेकर दुर्गूकोदल में तैयारियां शुरू हो गई हैं। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी नवज्योत मां दुर्गा उत्सव समिति द्वारा दुर्गा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस वर्ष समिति द्वारा 31वें वर्ष दुर्गा उत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है। इसी सिलसिले में शिव मंदिर प्रांगण में समिति गठन एवं नवरात्रि आयोजन की तैयारियों को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से विभिन्न पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों की जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक में सोमल जैन को अध्यक्ष, लालजी दुग्गा एवं अमन सिंह को उपाध्यक्ष, नरेन्द्र जैन एवं दीपक जैन को सचिव तथा अमित कनोजिया एवं गैदलाल लावते को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई। वहीं समिति के संरक्षक मंडल में लालजी दुग्गा, मानुराम दुग्गा, श्रीराम बघेल, मंगिया यादव, श्यामलाल दुग्गा, शिवचरण सिन्हा, आनंद माहवे, मुन्ना सिन्हा, मेहतरू यादव, शालिक राम शांडिल्य, सरपंच शकुंतला नरेटी, उपसरपंच तामेश्वरी जैन, हुमन मरकाम, गोपी बढ़ाई, अशोक जैन, हेमंत श्रीवास्तव, चैतु नरेटी, शिवभुवन सिंह, रमेश विश्वास, रामदास, शंकर मलिक, माहरू राम जैन, सुमन नाग, हेमंत नाग, विनोद पारख, राजकिशोर पारख, मुकेश देवांगन, जे. गौतम एवं एम.एल. दुगे सहित अन्य सदस्यों को शामिल किया गया।
बैठक में नवरात्रि पर्व के दौरान मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापना, विधि-विधान से पूजा-अर्चना, भंडारा, धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। समिति द्वारा नौ दिनों तक चलने वाले कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपने तथा कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने की रणनीति तैयार की गई।
नवरात्रि के अवसर पर दुर्गूकोदल में भव्य पंडाल निर्माण, आकर्षक लाइट डेकोरेशन एवं विद्युत सजावट कराने की तैयारी भी की जा रही है। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप देने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी समिति द्वारा ध्यान दिया जाएगा। नवरात्रि के नौ दिनों तक श्रद्धालुओं के लिए धार्मिक वातावरण बनाए रखने तथा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से क्षेत्रवासियों को जोड़ने की योजना है।
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि दुर्गा उत्सव को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों को अलग-अलग दायित्व दिए जा रहे हैं। आयोजन में स्थानीय नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ सामाजिक सौहार्द एवं धार्मिक एकता का संदेश भी दिया जाएगा।
दुर्गूकोदल में दुर्गा पूजा को लेकर लोगों में अभी से खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य आयोजन की तैयारियों में जुट गए हैं। बैठक में आगामी दिनों में होने वाले कार्यों की रूपरेखा तय करते हुए सभी सदस्यों से आपसी सहयोग एवं समन्वय के साथ आयोजन को सफल बनाने की अपील की गई।




