– कृष्णानगर पुलिस ने छात्राओं और शिक्षकों को हेल्पलाइन नंबरों, साइबर धोखाधड़ी से बचाव और महिला सशक्तीकरण के प्रति किया जागरूक
शकील अहमद
कृष्णानगर (लखनऊ)। मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के अंतर्गत बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को कृष्णानगर पुलिस ने लखनऊ के पॉलिटेक्निक कॉलेज में महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया।
कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों को महिलाओं के कानूनी अधिकारों, सुरक्षा उपायों, हेल्पलाइन नंबरों तथा शासन द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त लखनऊ तरुण गाबा के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त दक्षिणी मोहम्मद मुश्ताक और अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी रल्लापल्ली वसंथ कुमार के निर्देशन, सहायक पुलिस आयुक्त कृष्णानगर लक्ष्मण वर्मा के मार्गदर्शन तथा प्रभारी निरीक्षक कृष्णानगर प्रद्युम्न कुमार सिंह के नेतृत्व में मिशन शक्ति टीम ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों, छेड़छाड़, उत्पीड़न, पीछा किए जाने और हिंसा जैसी घटनाओं के बारे में जानकारी दी।
छात्राओं को बताया गया कि किसी भी अनुचित व्यवहार को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तत्काल पुलिस की सहायता लें। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, आत्मविश्वास बनाए रखने तथा किसी भी परिस्थिति में साहस और सूझबूझ से काम लेने के लिए प्रेरित किया गया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
पुलिस टीम ने आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112, महिला सुरक्षा के लिए 1090, महिला हेल्पलाइन 181 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में बताया।
साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 पर संपर्क करने की जानकारी भी दी गई। छात्राओं को किसी भी समस्या की शिकायत दर्ज कराने और समय रहते सहायता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
आत्मनिर्भरता और सुरक्षित समाज पर जोर
मिशन शक्ति टीम ने महिलाओं की शिक्षा, आत्मनिर्भरता, आत्मसम्मान और व्यक्तिगत सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही छात्राओं को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के प्रति भी जागरूक किया गया।
पुलिस ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। अभियान का उद्देश्य छात्राओं में सुरक्षा की भावना मजबूत करने, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाने और भयमुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी बढ़ाने का संदेश देना रहा।




