– पार्षद रामनरेश रावत ने निर्माण कार्य का किया शुभारंभ, रामेश्वरी पब्लिक स्कूल से झंडे वाली सड़क तक बनेगी इंटरलॉकिंग सड़क
शकील अहमद
सरोजनीनगर (लखनऊ)। लखनऊ के सरोजनीनगर द्वितीय वार्ड-18 के अंतर्गत बदाली खेड़ा कॉलोनी में सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को पार्षद रामनरेश रावत ने सड़क एवं नाली निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। 15वें वित्त की निधि से 29 लाख रुपये की लागत से होने वाले इस निर्माण कार्य को स्थानीय लोगों के लिए विजयदशमी के त्योहार पर राहत की सौगात माना जा रहा है।
निर्माण कार्य के तहत रामेश्वरी पब्लिक स्कूल से विजेंद्र यादव के घर होते हुए अलीशा अयूब अंसारी के घर तक झंडे वाली सड़क पर इंटरलॉकिंग सड़क और नाली का निर्माण कराया जाएगा। प्रस्तावित सड़क की लंबाई 200 मीटर और चौड़ाई तीन मीटर है। इस परियोजना से करीब 110 घरों की जलनिकासी व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस इलाके में पिछले करीब 20 वर्षों से सड़क और घरों के आसपास जलभराव की समस्या बनी हुई थी। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती थी और उन्हें नारकीय परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। अब सड़क और नाली निर्माण कार्य शुरू होने से कॉलोनीवासियों को समस्या से राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
पार्षद रामनरेश रावत एडवोकेट ने बताया कि महापौर सुषमा खर्कवाल और विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के सहयोग एवं आशीर्वाद से यह निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कार्यक्रम में भूमि पूजन के बाद कॉलोनी निवासी छोटे लाल गौतम एडवोकेट और फूल चंद गौतम से नारियल फोड़वाया गया। इसके बाद विजेंद्र यादव ने फावड़ा चलाकर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया।
स्थानीय लोगों ने उम्मीद जताई कि सड़क और नाली का निर्माण पूरा होने के बाद कॉलोनी में आवागमन सुगम होगा तथा लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। इस मुख्य मार्ग के बन जाने से क्षेत्र की स्थिति में सुधार आने की संभावना है।
शिलान्यास कार्यक्रम में फूल चंद गौतम, जय राम यादव, रामेश्वर त्यागी, छोटे लाल गौतम, हरेंद्र यादव, संजय रावत, रिसी राम यादव, राजीव सिंह, प्रिंस, आशीष रावत, गोपाल रावत, विजेंद्र यादव, मनीष शर्मा, सुमन पाल, नीतू, रेखा पांडे, तारा कश्यप, सरला सहित कॉलोनी के अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।
बदाली खेड़ा कॉलोनी में सड़क और नाली निर्माण की यह परियोजना क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों की जलनिकासी संबंधी समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।




