– मां सिद्धिदात्री की आराधना के महत्व पर दिया संदेश, महिलाओं के सम्मान, आपसी भाईचारे और जरूरतमंदों की सहायता की अपील
शकील अहमद
लखनऊ। शारदीय नवरात्रि की महानवमी के पावन अवसर पर आचार्य करुणकांत जी महाराज ने समस्त देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए मां दुर्गा से सभी के सुख, समृद्धि, शांति और कल्याण की कामना की। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का नौवां दिन मां दुर्गा के सिद्धिदात्री स्वरूप को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां सिद्धिदात्री की आराधना से भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
आचार्य करुणकांत जी महाराज ने कहा कि नवरात्रि केवल पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठानों का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, संयम, भक्ति और सदाचार का संदेश भी देता है। मां दुर्गा की आराधना हमें अन्याय, अहंकार और बुराइयों के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा देती है। विजयादशमी से पहले आने वाली महानवमी हमें याद दिलाती है कि सच्चाई और धर्म के मार्ग पर चलने वाला व्यक्ति अंततः सफलता प्राप्त करता है।
उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव को मजबूत करें। साथ ही महिलाओं का सम्मान करने और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यवहार और कार्यों में मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
आचार्य करुणकांत जी महाराज ने मां दुर्गा से प्रार्थना की कि देश में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनी रहे तथा प्रत्येक परिवार के जीवन में खुशियों का संचार हो। अंत में उन्होंने सभी देशवासियों को महानवमी की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कामना की कि मां दुर्गा की कृपा सभी पर बनी रहे और हर व्यक्ति सत्य, धर्म तथा मानवता के मार्ग पर आगे बढ़े।




