– महिला प्रो वॉलीबॉल लीग की खिलाड़ी नीलामी और ट्रॉफी अनावरण समारोह में खेल, अनुशासन और महिला सशक्तीकरण पर दिया जोर
शकील अहमद
सरोजनीनगर, लखनऊ। सशक्तीकरण का अर्थ केवल संकल्प लेना नहीं, बल्कि बेटियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, पहचान बनाने और आगे बढ़ने के अवसर देना भी है। इसी दिशा में महिला प्रो वॉलीबॉल लीग (WPVL) महिला खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है।
महिला प्रो वॉलीबॉल लीग के लिए खिलाड़ियों की नीलामी और ट्रॉफी के अनावरण समारोह में बोलते हुए सरोजनीनगर के विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि खिलाड़ी अपने परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं। खेल युवाओं में टीम भावना, धैर्य, नेतृत्व और जिम्मेदारी विकसित करते हैं। इसलिए खेलों को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।
वॉलीबॉल के इतिहास का उल्लेख करते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि वर्ष 1895 में विलियम जी. मॉर्गन द्वारा शुरू किया गया यह खेल आज विश्वभर में लोकप्रिय है और इसके दुनिया भर में 80 करोड़ से अधिक प्रशंसक हैं। उन्होंने वर्ष 1964 के टोक्यो ओलंपिक का जिक्र करते हुए बताया कि जापान की महिला वॉलीबॉल टीम ने अपने कोच हिरोफुमी दाइमात्सु के नेतृत्व में सोवियत संघ को 3–0 से हराकर ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीता था। यह उपलब्धि साबित करती है कि अनुशासन, कठिन परिश्रम और सामूहिक प्रयास से बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।
डॉ. सिंह ने कहा कि खेलों में सफलता केवल व्यक्तिगत प्रतिभा से नहीं, बल्कि साथियों पर भरोसे, निरंतर अभ्यास और चुनौतियों के बाद दोबारा उठ खड़े होने के साहस से मिलती है। महिला खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और प्रोत्साहन देना उनकी आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
समारोह में मेधज ग्रुप के चेयरमैन समीर त्रिपाठी, WPVL की संचालिका एवं उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य ऋतु शाही, WPVL के संचालक डॉ. बुख़रत अहमद, डॉ. आर. पी. सिंह, सूर्यांशी पांडेय तथा पूर्व पहलवान और लीग के ब्रांड एंबेसडर संग्राम सिंह सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
डॉ. सिंह ने युवाओं से पढ़ाई के साथ खेलों को भी पर्याप्त समय देने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महिला प्रो वॉलीबॉल लीग देश की बेटियों को नई पहचान बनाने और नई ऊंचाइयां हासिल करने का अवसर देगी। उनके मुताबिक, सशक्त महिलाएं, अनुशासित युवा और टीम भावना से प्रेरित समाज ही विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।




