कालपी/ जालौन शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान ग्राम गुलौली के ग्रामीणों ने “रोड नहीं तो वोट नहीं” का नारा लगाते हुए उपजिलाधिकारी विनय कुमार मौर्य को ज्ञापन सौंप कर सड़क के निर्माण कार्य करने की मांग की है।इस दौरान कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के कोआर्डिनेटर राहुल राय प्रजापति ने भी गुलौली सड़क निर्माण कराये जाने की मांग उठाई है।
तहसील सभागार में एसडीएम को विनय कुमार मौर्य को ज्ञापन सौंपते हुए अवगत कराया है कि ग्राम गुलौली से तहसील मुख्यालय कालपी आने के लिए रायड़ दिवारा होते हुए सीधा रास्ता मात्र 7-8 किलोमीटर का है। कालपी से रायड़ दिवारा तक तो डामर रोड है, लेकिन रायड़ दिवारा से गुलौली के बीच पक्की सड़क न होने के कारण रास्ता पूरी तरह खराब है।
बरसात के मौसम में सड़क न होने के कारण गुलौली, सुराली, हवेली, बगिया, मदरा लालपुर, पाली, मौहारी और मवई सहित कई गांवों के लोगों को लगभग 25 से 30 किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर तहसील मुख्यालय पहुंचना पड़ता है। ज्ञापन में ग्रामीणों में आगे बताया कि क्षेत्रवासियों को बाजार करने और इलाज के लिए कालपी ही आना पड़ता है। जोल्हूपुर के रास्ते जाने में अधिक समय लगता है, जिसके कारण मेडिकल इमरजेंसी होने पर गंभीर मरीजों की स्थिति और अधिक नाजुक हो जाती है।
यह कच्ची सड़क प्राचीन ऐतिहासिक सूर्य मंदिर को सीधा जोड़ती है। क्षेत्र में उच्च शिक्षा के स्कूल/कॉलेज न होने के कारण बच्चों को पढ़ाई के लिए कालपी जाना पड़ता है, जिससे खराब रास्ते की वजह से विद्यार्थियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इस सम्बन्ध में कांग्रेस नेता राहुल राय प्रजापति ने बताया कि इस रास्ते के निर्माण के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया गया, लेकिन हर बार वन विभाग की भूमि पड़ने का हवाला देकर आश्वासन ही मिला, धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जिला संवाददाता रोहित कुमार गोपाल द्विवेदी कि रिपोर्ट

