जयपुर में पाली के कांग्रेस पार्षदों का हंगामा, क्रॉस वोटिंग की जांच कमेटी से नहीं हो पाई मुलाकात
सीपी जोशी बोले— मेरा काम आपसे मिलने का नहीं; मेयर चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के भीतर बढ़ी नाराजगी
जयपुर। पाली नगर निगम के मेयर चुनाव में क्रॉस वोटिंग के मामले को लेकर कांग्रेस में अंदरूनी घमासान तेज हो गया है। मामले की जांच कर रही कमेटी से मिलने जयपुर पहुंचे पाली के कांग्रेस पार्षदों की मुलाकात नहीं हो पाई। इस दौरान पार्षदों में नाराजगी देखने को मिली और मामला हंगामे तक पहुंच गया। वहीं, कमेटी के संयोजक सीपी जोशी के कथित बयान, “मेरा काम आपसे मिलने का नहीं,” ने विवाद को और बढ़ा दिया।
पाली नगर निगम में मेयर चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग को लेकर सवाल उठे थे। पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी को अपेक्षा के अनुरूप समर्थन नहीं मिलने के बाद संगठन ने मामले की जांच शुरू की। इसी सिलसिले में पार्षद अपनी बात रखने और चुनाव के दौरान हुई घटनाओं से कमेटी को अवगत कराने के लिए जयपुर पहुंचे थे।
टिकट वितरण को लेकर भी उठे सवाल
मेयर चुनाव में हार के बाद कांग्रेस के स्थानीय नेताओं और पार्षदों के बीच असंतोष सामने आया है। पार्षदों के एक गुट ने टिकट वितरण और उम्मीदवार के चयन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय स्तर पर लिए गए फैसलों के कारण पार्टी को चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
क्रॉस वोटिंग की जांच पर टिकी निगाहें
मेयर चुनाव के नतीजों के बाद कांग्रेस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को अपेक्षित वोट क्यों नहीं मिले। जांच कमेटी की रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि चुनाव के दौरान किन परिस्थितियों में पार्टी को नुकसान हुआ और क्या क्रॉस वोटिंग की गई थी।
फिलहाल पार्षदों की नाराजगी और जांच कमेटी से मुलाकात नहीं होने के मामले ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को चर्चा में ला दिया है। अब सबकी निगाहें कमेटी की जांच और पार्टी नेतृत्व के अगले कदम पर टिकी हैं।

