बिहार के पूर्णिया का मखाना अब ग्रीस तक पहुंच रहा है, जिससे बिहार के किसानों और मखाना उत्पादकों के लिए नया अंतरराष्ट्रीय बाजार खुल गया है। प्रधानमंत्री ने मन की बात में इसका जिक्र करते हुए कहा कि स्थानीय उत्पादों की दुनिया में मांग बढ़ रही है और यही वोकल फॉर लोकल की सफलता है।
मखाना बिहार की पहचान माना जाता है और पूर्णिया व आसपास के जिलों में इसका उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है। पहले मखाना मुख्य रूप से घरेलू बाजार तक सीमित था, लेकिन अब अच्छी पैकेजिंग और गुणवत्ता के कारण विदेशी बाजारों में भी इसकी मांग बढ़ रही है। इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मखाने जैसे स्थानीय उत्पादों के लिए प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात की सुविधाएं बढ़ाने से किसानों की आय में स्थायी वृद्धि हो सकती है। इसके लिए उत्पादकों को प्रशिक्षण, भंडारण और बाजार से जोड़ने की व्यवस्था को और मजबूत करना होगा।



